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Bhagvat Katha By Radha Krishnaji Maharaj

SANSKAR LIVE - SHRI RADHAKRISHNA JI MAHARAJ - RAS BHAGAVAT KATHA - JODHPUR (RAJASTHAN) - DAY 1

SANSKAR LIVE - SHRI RADHAKRISHNA JI MAHARAJ - RAS BHAGAVAT KATHA - JODHPUR (RAJASTHAN) - DAY 2

SANSKAR LIVE - SHRI RADHAKRISHNA JI MAHARAJ - RAS BHAGAVAT KATHA - JODHPUR (RAJASTHAN) - DAY 3

SANSKAR LIVE - SHRI RADHAKRISHNA JI MAHARAJ - RAS BHAGAVAT KATHA - JODHPUR (RAJASTHAN) - DAY 4

SANSKAR LIVE - SHRI RADHAKRISHNA JI MAHARAJ - RAS BHAGAVAT KATHA - JODHPUR (RAJASTHAN) - DAY 5

SANSKAR LIVE - SHRI RADHAKRISHNA JI MAHARAJ - RAS BHAGAVAT KATHA - JODHPUR (RAJASTHAN) - DAY 6

SANSKAR LIVE - SHRI RADHAKRISHNA JI MAHARAJ - RAS BHAGAVAT KATHA - JODHPUR (RAJASTHAN) - DAY 7

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Bhajan Lyrics View All

कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा