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Shreemad Bhagwat Katha By Pundrik Goswamiji Maharaj in December,2014 at Ludhiana,Punjab

Pundrik Goswamiji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha - Ludhiana (Punjab)

Pundrik Goswamiji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha - Day 2 Ludhiana (Punjab)

Pundrik Goswamiji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha - Day 3 Ludhiana (Punjab)

Pundrik Goswamiji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha - Day 4 Ludhiana (Punjab)

Pundrik Goswamiji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha - Day 5 Ludhiana (Punjab)

Pundrik Goswamiji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha - Day 6 Ludhiana (Punjab)

Pundrik Goswamiji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha - Day 7 Ludhiana (Punjab)

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Bhajan Lyrics View All

ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,