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Ram Katha- Pundrik Swami

Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 1 Mathura U P

Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 2 Mathura U P

Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 3 Mathura U P

Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 4 Mathura (U P)

Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 5 Mathura (U P)

Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 6 Mathura (U P)

Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 7 Mathura (U P)

Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 8 Mathura (U P)

Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 9 Mathura (U P)

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Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 1 Mathura U P
Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 2 Mathura U P
Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 3 Mathura U P
Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 4 Mathura (U P)
Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 5 Mathura (U P)
Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 6 Mathura (U P)
Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 7 Mathura (U P)
Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 8 Mathura (U P)
Pundrik Goswami Ji Maharaj Shri Ram Katha Day 9 Mathura (U P)

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ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।