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Pundarik Goswami

MANGLA CHARAN BY H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI

H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day 5 Part-2.mpg

H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day 4 Part-9.mpg

H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day 5 Part-1.mpg

H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day -3,part 2.mp4

H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ rurki katha day -1,part 2

kirtan in amritsar katha by h.h sri pundrik goswami ji maharaj

ISKCON Coventry Sri Pundrik Maharaj Guitar Kirtan 2010

H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ rurki katha day -1,part 3.mp4

H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day -1, Part 4.mp4

H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day 4 Part-3.mpg

H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day 4 Part-8.mpg

H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day 4 Part-2.mpg

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MANGLA CHARAN BY H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI
H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day 5 Part-2.mpg
H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day 4 Part-9.mpg
H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day 5 Part-1.mpg
H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day -3,part 2.mp4
H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ rurki katha day -1,part 2
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H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ rurki katha day -1,part 3.mp4
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H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day 4 Part-3.mpg
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Bhajan Lyrics View All

तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया