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HH Pundarik Goswami

Acharya Sri Pundrik Goswami_The Essence of Dharma in Vedic Philosophy.avi

Acharya Sri Pundrik Goswami_Lilas of Vrindavan.avi

International Rotary Club Seminar in Birla Auditorium Jaipur Part 3 Pravachan By H H Sri Pundrik Ji

H H Sri Pundrik Ji Pravachan Poddar Institute Jaipur Part 3

Pravachan Biyani College Night Part 8 by H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI

H H Sri Pundrik Ji Pravachan Poddar Institute Jaipur Part 4

H H Sri Pundrik Ji Pravachan Poddar Institute Jaipur Part 3

H. H. Sri Pundrik Ji Pravachan in Poddar Institute Jaipur Part 2

H H Sri Pundrik Ji Pravachan Poddar Group Institute Jaipur Part 1

H H Sri Pundrik Ji Pravachan Poddar Institute Jaipur Part 4

Acharya Sri Pundrik Goswami_The Essence of Dharma in Vedic Philosophy.avi

Lecture by Acharya Sri Pundrik Goswami "The three main stages to dharma"

Morning Lecture by Acharya Sri Pundrik Goswami "Glorifying the Srimad Bhagavatam"

KIRTAN BY H.H SRI PUNDRIK GISWAMI JI MAHARAJ

H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI MAHARAJ Rurki Katha Day 5 Part-1.mpg

Lecture by Acharya Sri Pundrik Goswami "Laulyam matra""

H.H SRI ATUL KRISHNA GOSWAMI JI MAHARAJ. RAAS LILA PART 1

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Pravachan Biyani College Night Part 8 by H.H SRI PUNDRIK GOSWAMI JI
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Morning Lecture by Acharya Sri Pundrik Goswami "Glorifying the Srimad Bhagavatam"
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Bhajan Lyrics View All

ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा