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Bhagwat Katha By Pundrik Goswami Ji

Bhagwat Katha Pundrik Goswami | Gujarat Bhakti Rang Part -

Bhagwat Katha Pundrik Goswami | Gujarat Bhakti Rang Part - 17

Bhagwat Katha Pundrik Goswami | Gujarat Bhakti Rang Part - 16

Bhagwat Katha Pundrik Goswami | Gujarat Bhakti Rang Part - 15

Bhagwat Katha Pundrik Goswami | Gujarat Bhakti Rang Part - 14

Bhagwat Katha Pundrik Goswami | Gujarat Bhakti Rang Part - 13

Bhagwat Katha Pundrik Goswami | Gujarat Bhakti Rang Part - 12

Bhagwat Katha by Pundrik Goswami Ji Part 11

Bhagwat Katha by Pundrik Goswami Ji Part 10

Bhagwat Katha by Pundrik Goswami Ji Part 09

Bhagwat Katha by Pundrik Goswami Ji Part 08

Bhagwat Katha by Pundrik Goswami Ji Part 07

Bhagwat Katha by Pundrik Goswami Ji Part 06

Bhagwat Katha by Pundrik Goswami Ji Part 05

Bhagwat Katha by Pundrik Goswami Ji Part 04

Bhagwat Katha by Pundrik Goswami Ji Part 03

Bhagwat Katha by Pundrik Goswami Ji Part 02

Bhagwat Katha by Pundrik Goswami Ji Part 01

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बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला