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Bhagwat katha

Shreemad Bhagwat Katha - Pundrik Goswamiji Maharaj - Vrindavan (Day 3)

BHAGAVAT SAPTAH HOUSTON WED 6 17 2015 MRIDUL KRISHAN GOSWAMI RADHA KRISHNA WEDDING F

Who is a Guru? - Lecture by Kripaluji Maharaj [Subtitled]

Srimad Bhagwat Katha By H.H. Sri Pundrik Goswamiji At Sri Krishna Janambhumi, Mathura, 2013.

Acharaya Vijayratna Sunder Surishwar Ji Maharaj || Pravachan || Episode-96

Shreemad Bhagwat Katha - Pundrik Goswami ji Maharaj - Day 7 (Salt Lake, Kolkata)

Pundrik Goswami Ji's Shrimad Bhagwat Katha - London (UK) (29-Feb-2016) Day 1(Part 2)

Pundrik Goswami Ji's Shrimad Bhagwat Katha - London (UK) (03-Mar-2016) Day 4 (Part 1)

Shreemad Bhagwat Katha - Pundrik Goswami ji Maharaj - Day 4 (Salt Lake, Kolkata)

Shreemad Bhagwat Katha - Pundrik Goswami ji Maharaj - Day 1 (Salt Lake, Kolkata)

Life Understanding mysteries by shri Pundrik Goswami Ji Maharaj

Contents of this list:

Shreemad Bhagwat Katha - Pundrik Goswamiji Maharaj - Vrindavan (Day 3)
BHAGAVAT SAPTAH HOUSTON WED 6 17 2015 MRIDUL KRISHAN GOSWAMI RADHA KRISHNA WEDDING F
Who is a Guru? - Lecture by Kripaluji Maharaj [Subtitled]
Srimad Bhagwat Katha By H.H. Sri Pundrik Goswamiji At Sri Krishna Janambhumi, Mathura, 2013.
Acharaya Vijayratna Sunder Surishwar Ji Maharaj || Pravachan || Episode-96
Shreemad Bhagwat Katha - Pundrik Goswami ji Maharaj - Day 7 (Salt Lake, Kolkata)
Pundrik Goswami Ji's Shrimad Bhagwat Katha - London (UK) (29-Feb-2016) Day 1(Part 2)
Pundrik Goswami Ji's Shrimad Bhagwat Katha - London (UK) (03-Mar-2016) Day 4 (Part 1)
Shreemad Bhagwat Katha - Pundrik Goswami ji Maharaj - Day 4 (Salt Lake, Kolkata)
Shreemad Bhagwat Katha - Pundrik Goswami ji Maharaj - Day 1 (Salt Lake, Kolkata)
Life Understanding mysteries by shri Pundrik Goswami Ji Maharaj

Bhajan Lyrics View All

कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा