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Bhagavat Katha at MUmbai by Pundarik Goswamiji

Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 1) Bhagwat Katha Mumbai (Maharashtra)

Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 2) Bhagwat Katha Mumbai (Maharashtra)

Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 4) Bhagwat Katha Mumbai (Maharashtra)

Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 4) Bhagwat Katha Mumbai (Maharashtra)

Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 6) Bhagwat Katha Mumbai (Maharashtra)

Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 5) Bhagwat Katha Mumbai (Maharashtra)

Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 7) Bhagwat Katha Mumbai (Maharashtra)

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Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 4) Bhagwat Katha Mumbai (Maharashtra)
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Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 6) Bhagwat Katha Mumbai (Maharashtra)
Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 5) Bhagwat Katha Mumbai (Maharashtra)
Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 7) Bhagwat Katha Mumbai (Maharashtra)

Bhajan Lyrics View All

एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,