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Shri krishna chandra thakurji Bhagwat Katha at Mathura

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 1 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 2 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 3 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 4 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 5 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 6 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 7 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 8 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 9 of 9

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Shri krishna chandra thakurji Bhagwat Katha at Mathura

Bhajan Lyrics View All

कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे