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Bhagwat Katha By Shri Krishna chand Thakurji at Govardhan in August 2012

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 1 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 2 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 4 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 5 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 6 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 7 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 8 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 9 of 10

Govardhan Bhagwat Katha By Shri Krishnachand Thakurji Part 10 of 10

Complete Speech By Swami VivekAnand From Chicago USA in 1893

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यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की