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Home Gurus Krishna Chandra Shastri Ji

Bhagwat by Mridul Shastri jee

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tum hamare the prabhu ji(govind bhargav)

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Ganga Gomukh Se Gangasagar Tak

SANSKAR LIVE - SHRI KRISHNA CHANDRA SHASTRI - SHRIMAD BHAGVAT KATHA (DELHI) - DAY 2

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tum hamare the prabhu ji(govind bhargav)
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Ganga Gomukh Se Gangasagar Tak
SANSKAR LIVE - SHRI KRISHNA CHANDRA SHASTRI - SHRIMAD BHAGVAT KATHA (DELHI) - DAY 2

Bhajan Lyrics View All

सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥