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04 July 2014

Vrindavan, U.P ( 05 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji

Vrindavan, U.P ( 04 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji

Vrindavan, U.P ( 06 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji

Vrindavan, U.P ( 07 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji

Vrindavan, U.P ( 09 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji

Vrindavan, U.P ( 10 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji

Vrindavan, U.P ( 11 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji

Vrindavan, U.P ( 08 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji

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Vrindavan, U.P ( 05 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji
Vrindavan, U.P ( 04 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji
Vrindavan, U.P ( 06 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji
Vrindavan, U.P ( 07 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji
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Vrindavan, U.P ( 10 July 2014 ) | Shrimad Bhagwat Katha | Krishna Chandra Shastri Ji
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Bhajan Lyrics View All

लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे