Share this page on following platforms.

Home Gurus Gyananand Ji

Swami gyananand ji maharaj

SANSKAR LIVE - SHRI GYANANAND JI MAHARAJ - GITA PRAVACHAN ,JAGADHARI (HARYANA) - DAY 2

SANSKAR LIVE - SHRI GYANANANDJI MAHARAJ - GITA SATSANG - JAPANI PARK (DELHI) - DAY 6

SANSKAR LIVE - SHRI GYANANANDJI MAHARAJ - GITA SATSANG - JAPANI PARK (DELHI) - DAY 1

SANSKAR LIVE - SHRI GYANANAND JI MAHARAJ - GITA PRAVACHAN (JAGADHARI,HARYANA) - DAY 4

SANSKAR LIVE - PUJYA BHAISHREE RAMESH BHAI OJHA - SHRIMAD BHAGAVAT KATHA - RAJASTHAN - DAY 3

Contents of this list:

SANSKAR LIVE - SHRI GYANANAND JI MAHARAJ - GITA PRAVACHAN ,JAGADHARI (HARYANA) - DAY 2
SANSKAR LIVE - SHRI GYANANANDJI MAHARAJ - GITA SATSANG - JAPANI PARK (DELHI) - DAY 6
SANSKAR LIVE - SHRI GYANANANDJI MAHARAJ - GITA SATSANG - JAPANI PARK (DELHI) - DAY 1
SANSKAR LIVE - SHRI GYANANAND JI MAHARAJ - GITA PRAVACHAN (JAGADHARI,HARYANA) - DAY 4
SANSKAR LIVE - PUJYA BHAISHREE RAMESH BHAI OJHA - SHRIMAD BHAGAVAT KATHA - RAJASTHAN - DAY 3

Bhajan Lyrics View All

सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार