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Geeta Satsang by Shri Gyananand Ji Maharaj in December 2014 at Gurgaon, Haryana

Gurgaon, Hariyana( 19 December 2014 ) | Geeta Satsang | Shri Gyananand Ji Maharaj

Gurgaon, Hariyana( 20 December 2014 ) | Geeta Satsang | Shri Gyananand Ji Maharaj

Gurgaon, Hariyana( 21 December 2014 ) | Geeta Satsang | Shri Gyananand Ji Maharaj

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अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥