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Swami Avdheshanand Giriji - Haridwar Vichar Sagar

Vichar Sagar by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj in Haridwar Day 1

Vichar Sagar by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj in Haridwar Day 2

Vichar Sagar by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj in Haridwar Day 3

Vichar Sagar by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj in Haridwar Day 4

Vichar Sagar by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj in Haridwar Day 5

Vichar Sagar by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj in Haridwar Day 6

Vichar Sagar by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj in Haridwar Day 7 Part 1

Vichar Sagar by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj in Haridwar Day 7 Part 2

Vichar Sagar by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj in Haridwar Day 7 Part 3

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Bhajan Lyrics View All

कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,