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Swami Avdheshanand Giri Maharaj

Swami Avdheshanand Giri Maharaj Pravachan Mala - part 1

Discourse By Swami Avdheshanand Giriji at Haridwar

Discourse By Swami Avdheshanand Giriji at Chitrakoot

Discourse By Swami Avdheshanand Giriji at Mainpuri

Discourse By Swami Avdheshanand Giriji at Jodhpur

Discourse By Swami Avdheshanand Giriji at Banswara

Shree Guruji

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avdeshanand

giri g maharaj

avni

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Swami Avdheshanand Giri Maharaj Pravachan Mala - part 1
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Discourse By Swami Avdheshanand Giriji at Haridwar
Discourse By Swami Avdheshanand Giriji at Chitrakoot
Discourse By Swami Avdheshanand Giriji at Mainpuri
Discourse By Swami Avdheshanand Giriji at Jodhpur
Bholenath Se nirala Koi Aur Nahi
Discourse By Swami Avdheshanand Giriji at Banswara
Shree Guruji
Aab Saup Diya Is Jeevan Ka SAb Bhar Tumhare Hathoon Mein
bharat
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avdeshanand
giri g maharaj
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Bhajan Lyrics View All

ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥