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Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa)

Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 1

Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 2

Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 3

Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 4

Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 5

Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 6

Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 7

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Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 1
Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 2
Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 3
Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 4
Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 5
Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 6
Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj (South Africa) Day 7

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ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन