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Avdheshanand Giriji

Vithal Vithal Vitthalaa----A beautiful Bhajan by Param Pujya Swami Avdheshanand Giri Ji maharaj

LALA KI PAIJANIYA BAJE RE..AVDHESHANAND GIRIJI

Contents of this list:

Vithal Vithal Vitthalaa----A beautiful Bhajan by Param Pujya Swami Avdheshanand Giri Ji maharaj
Thali bhar kar lyai re khichado थाली भर कर ल्याई रे खीचड़ो byParam Pujya Shri Avdheshanand Giriji Mah
Tere dwar khada bhagwan bhajan by param pujya shri Avdheshanand Giriji Maharaj
LALA KI PAIJANIYA BAJE RE..AVDHESHANAND GIRIJI

Bhajan Lyrics View All

वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे