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तेरी मूर्ती नई बोलदी बुलाया लख्ख वार - teri mootri nai boldi bulaya lakh waar

Contents of this list:


तेरी मूर्ती नई बोलदी बुलाया लख्ख वार
कद्दे हो के दयाल कर साडा वी ख्याल
तेनु दुखड़ा मै दातिये सुनाया लख वार

नित्त बुहा ऐहो सोच के मै मल्लां दातिये
कद्दे माँ -पुत्त करांगे नी गल्लां दातिये
होर्र सारेयां नु सुख दिते वंड माये नी
पादे साडे वी तू कालजे -च ठण्ड माये नी
साड़ी सुन के पुकार क्यों तू बेठी चुप -तार
तेरी मूर्ती नई बोलदी ..

बोल मिठे -मिठे बोल माये गुस्सा जाणदे
चुन्नी गोटे वाली भगतां दे सिरे तान दे
दिल माँ दा जेय बच्च्याँ तो दूर रहेगा
फिर आसरा , बे-आसरे नु कोण देवेगा
क्यों हो के दयावान एदर कीता ना ध्यान
बड़ी आस रख मै तेयेते आया लख वार
तेरी मूर्ती नई बोलदी ..

एनां करमां दे मारेयाँ नु तू वी मार ना
कम्म हुंदा ऐ मल्लावां दा ते ..बढ़े तार्रना
तेरे ज्ररा जे इशारे दी ऐ गल्ल दातिये
सारी मुश्किलां ने हो जाणा हल दातिये
छेती हो जा तू प्रस्न ,साडी विनती तू मन
पाकेय निर्दोष त्र्रले मनाया लख वार
तेरी मूर्ती नई बोलदी ..
तेरी मूर्ती नई बोलदी ..

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आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
तुम रूठे रहो मोहन,
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तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे